40 WPM Hindi Dictation ॥ High Court, SSC, Steno ॥ S.NO.67 ॥ BUDDHA ACADEMY TIKGAMRH (MP)

दहेज प्रतिषेध अधिनियम
संक्षेप में अभियोजक कथानक अनुसार घटना प्रस्‍तावित है कि 30.06.2013 को मृतिका गीता की मृत्‍यु जलने के कारण होने के संबंध में डॉ. डी.एस. गुप्‍ता (अभियोजन साक्षी 5) द्वारा लेख ‍किया गया मर्ग मेमो जिला चिकित्‍सालय टीकमगढ़ @के वार्ड ब्‍वाय रामप्रसाद तनय धनीराम अहिरवार ने थाना कोतवाली टीकमगढ़ में दिया था, जिस पर रामलाल अहिरवार सहायक उपनिरीक्षक (अभियोजन साक्षी 6) ने मर्ग क्रमांक 70/12 लेख किया था। अकाल मृत्‍यु की सूचना प्रदर्श पी.9 है। तथा@ मर्ग इंटीमेशन जाँच के क्रम में प्रधान आरक्षक पंकज अहिरवार (अभियोजन साक्षी 11) द्वारा तहसीलदार को लाश पंचनामा बनाने हेतु सूचना देने पर तहसीलदार द्वारा मृतिका गीता के शव का पंचनामा बनाया गया था एवं मृतिका के शव के पोस्‍टमार्टम @हेतु आवेदन तैयार किया गया था, जो प्रदर्श पी.20 है। दिनांक 30.06.2013 को ही मर्ग डायरी अभिषेक शुक्‍ला सेवानिवृत्‍त डी.एस.पी. (अभियोजन साक्षी 10) को प्राप्‍त होने पर उसने जाँच के दौरान मृतिका के पिता गोरेलाल(अभियोजन साक्षी 1), माँ रामवती (अभियोजन साक्षी 2)@ एवं रूपनारायण (अभियोजन साक्षी 4) के कथन लिये थे, जिनके द्वारा मृतिका के ससुराल में सास, ससुर, पति एवं ननद द्वारा उसे दहेज के लिये प्रताडि़त करने की बात बताई गई थी और इसी कारण उसकी जलने से असमय मृत्‍यु हुई @थी।
मर्ग जाँच के उपरांत अनुसंधान कार्यवाही के क्रम में अभिषेक शुक्‍ला सेवानिवृत्‍त डी.एस.पी. (अभियोजन साक्षी 10) द्वारा दिनांक 01.11.2012 को अभियुक्‍तगण के विरुद्ध अपराध क्रमांक 566/12 धारा 304बी, 498ए भा.दं.‍सं. एवं धारा ¾ दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कायम किया @था। प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रदर्श पी.13 है। विवेचना के दौरान उसके द्वारा घटना स्‍थल का निरीक्षण कर वहाँ नक्‍शा मौका तैयार किया था, जो प्रदर्श पी.14 है। इसके द्वारा मृतिका की शादी का कार्ड प्रदर्श पी.7, जगदीश अहिरवार सैनिक(अभियोजन साक्षी 9) के @समक्ष जब्‍त करके जब्‍ती पंचनामा प्रदर्श पी.6 तैयार किया गया था। अनुसंधान कार्यवाही के दौरान साक्षी गोरेलाल
 (अभियोजन साक्षी 1), रामवती (अभियोजन साक्षी 2), रूपनारायण (अभियोजन साक्षी 4) के कथन लेखबद्ध किये गये थे तथा अभियुक्‍तगण मुन्‍ना, कुन्‍ना एवं गंगाबाई को गिरफ्तार@ करके गिरफ्तारी पत्रक प्रदर्श पी.10 लगायत 12 तैयार किये गये थे।
विवेचना उपरांत अभियुक्‍तगण के विरुद्ध अभियोगपत्र आरक्षी केन्‍द्र कोतवाली टीकमगढ़ की ओर से आरक्षक रामपाल सिंह ने उक्‍त थाने के अपराध क्रमांक 566/12 अन्‍तर्गत धारा-304बी, 498ए/34 @भा.दं.सं. अभियुक्‍तगण के विरुद्ध दिनांक 16.11.13 को श्री डी.एन. पाठक, मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट, टीकमगढ़ (म.प्र.) के न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया तथा दिनांक 04.12.13 को उपरोक्‍त प्रकरण उपार्पण के अंतर्गत सत्र न्‍यायालय के समक्ष भेजा गया।@

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