42-45 WPM Hindi Dictation ॥ High Court, SSC, Steno ॥ S.NO.68 ॥ BUDDHA ACADEMY TIKGAMRH (MP)
देसी कट्टा और कच्ची शराब रखने के अलग-अलग मामलों में आरोपी बनाए गए
एक युवक को न्यायालय ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई। मिली जानकारी के अनुसार रमेश
पिता पिता विनोद रैकवार उम्र 25 साल निवासी दरगांय कला को टीकमगढ़ पुलिस ने 3 @अप्रैल 2010 की रात
शॉपिंग सेंटर के समीप देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में न्यायालय
ने आरोपी को दोषी पाते हुये निर्णय सुनाया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डी.एस. निगम
ने आरोपी को आर्म्स एक्ट की धारा-25बी के तहत@ तीन साल के सश्रम कारावास और 500 रुपए
अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी रमेश पिता विनोद रैकवार को कच्ची
शराब रखने के एक अन्य मामले में भी सजा सुनाई गई। रमेश को आबकारी अधिनियम के तहत
भी आरोपी बनाया @गया था। उसे 15 जुलाई 2011 को साठ लीटर कच्ची शराब के साथ ड्रिलिंग
कैंप और तवा खदान के बीच के क्षेत्र से पकड़ा गया था। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी
डी.एस. निगम ने आरोपी राकेश को आबकारी अधिनियम की धारा-34(2) के तहत एक वर्ष @के सश्रम कारावास और
25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसी साक्षी का यह भी कथन
है कि ऐसी बुरी दुखित होने वाली जोर-जोर से चिल्लाकर मोहल्लेवालों के सामने उसकी
पत्नी को बेइज्जत किया और तीनों अभियुक्तगण बोले कि पकडो तो इसको @और उसे पकड़ने दौड़े
तो उसकी पत्नी को उठाया और बचाया और घर के अंदर कर दिया। अभियुक्तगण को समझाबुझा
कर वापस कर दिया। फिर भी अभियुक्तगण नहीं माने और अपने घर के दरवाजे पर बैठकर
गाली-गुफ्तार करते रहे। वह थोडी देर वहीं @बैठा रहा इसके बाद वह लेटरिंग करने पहाड़ी
पर चला गया। इसके बीस मिनिट बाद उसके भतीजे अंकित का फोन आया कि चाची फांसी पर
लटकी है। वह भाग कर आया तो उसने देखा कि शीतल उर्फ शीला फांसी पर लटकी हुई थी@। वह मर चुकी थी।
इसके बाद वह थाने पर रिपोर्ट करने गया था।
वीर सिंह घोषी (अभियोजन
साक्षी 1) के कथन का समर्थन करते हुए उसका भाई पूरन सिंह (अभियोजन साक्षी 2)
परिसाक्ष्य करता है कि दिनांक 3 जुलाई 2012 को सुबह करीब@ 7:30 बजे वह अपने
घर की छत पर बैठा था। सुखपाल घोषी आया और उसके भाई वीर सिंह को बुलाया। सुखपाल के
दरवाजे बैठे कर वीर सिंह व सुखपाल वातावरण करने लगे। सुखपाल वीर सिंह ने बोला कि
उसकी पत्नी शीतल उर्फ शीला@चुगलखोरी करती है। इतने में शीतल उर्फ शीला बाहर
आ गई और उसने सुखपाल से कहा कि उसने क्या चुगलखोरी की है, तो सुखपाल शीला और उसकी
मां कमला को गाली देने लगा और कहने लगा कि उसकी मां चरित्रहीन है@।
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