42 WPM Hindi Dictation II High Court, SSC, Steno II S.NO. 43 II BUDDHA ACADEMY TIKGAMRH (MP)
महोदय, निवेदन है कि, उक्त अनावेदक ने आवेदिका
को लगभग 2 वर्षों से क्रूरतापूर्वक व्यवहार कर परित्याग कर दिया है। तथा आवेदिका
की कोई खोज खबर नहीं ले रहा है। जिससे आवेदिका के जीवन-यापन, भरण-पोषण की समस्या
उत्पन्न हो गयी है। /आवेदिका का जीवन यापन दुर्लभ हो गया है। आवेदिका के पिता
उसका व्यय अदा करने में समक्ष नहीं हैं। उक्त आवेदिका गरीब है, कम पढ़ी-लिखी
महिला है कोई आय अर्जित नहीं करती है। आवेदिका की तुलना में अनावेदक 5 एकड़ कृषि
भूमि /धारण कर सब्जी विक्रय कर तथा फ्रेक्ट्री व नौकरी कार्य कर लगभग
30,000-/रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन-चार लाख रुपये प्रतिवर्ष आय अर्जित करता
है जिससे आवेदिका के दौरान दावा अंतरिम भरण-पोषण हेतु 10,000-/रुपये प्रतिमाह की
राशि की आवश्यकता है। तथा प्रत्येक/ पेशी पर परिजन के साथ आने जाने की व्यय
राशि 200-/रुपये एवं उक्त वाद संचालन हेतु 10,000-/रुपये राशि की आवश्यकता है
जिस बाबत् आवेदिका की ओर से यह आवेदन प्रचलित है।
अत:
प्रार्थना है कि उक्त कारण आधारों पर आवेदन पत्र/ स्वीकार किया जाकर आवेदिका को
उक्त अनावेदक से दौरान दावा अंतरिम भरण-पोषण हेतु 10,000-/रुपये प्रतिमाह की राशि
की आवश्यकता है तथा प्रत्येक पेशी पर परिजन के साथ आने जाने की व्यय राशि
200-/रुपये एवं उक्त वाद संचालन हेतु 10,000-/रुपये राशि दिलाये/ जाने का आदेश
पारित किये जाने की कृपा की जावे।
यह
आवेदन धारा 166 मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अंतर्गत मोटर दुर्घटना दिनांक 07.11.12
में आवेदक को आई चोट एवं स्थाई अपंगता के फलस्वरूप 20 लाख रुपये क्षतिपूर्ति
राशि दिलाये जाने हेतु /प्रसतुत किया गया है।
आवेदकगण
का पक्ष यह है कि दुर्घटना दिनांक 07.11.12 को शाम लगभग 08:00 बजे वह सिविल लाईन
की ओर मोटरसाईकिल से धीमी गति व अपनी साईड से जा रहा था और जैसे ही वह बुद्ध
अकादमी के पास/ पहुंचा तभी अनावेदक क्रमांक 01 मारूति क्रमांक एम.पी 36 सी. 1112
को तेजगति व लापरवाही से टीकमगढ़ शहर की ओर चलाता आया और आगे जा रहे उसे व उसकी
मोटरसाईकिल को टक्कर मार दी।
इसके
बाद अनावेदक क्रमांक 01 उसे जिला चिकित्सालय /टीकमगढ़ ले गया और वहाँ उसे छोड़कर
चला गया। उक्त दुर्घटना में आवेदक को बाये पैर के घुटने जांघ, बाये हाथ की अंगुली
में फ्रैक्चर, कोहनी व सिर में दाहिने ओर पीछे की साईड में गंभीर चोट आकर सिर में
फ्रैक्चर /होकर शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। कथित दुर्घटना से उसे
सिर में होकर वह मानसिक अवसाद की बीमारी से ग्रस्त हो गया। उक्त संबंध में उसने
डॉ. आर.एस. शर्मा मानसिक रोग विभाग भोपाल को दिखाया है और उनका इलाज /चल रहा है।
425 शब्द
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