45 WPM Hindi Dictation ॥ High Court, SSC, Steno ॥ S.NO.70 ॥ BUDDHA ACADEMY TIKGAMRH (MP)
पाकिस्तान ने फिर से
कश्मीर मुद्दे का राग अलापा है। उसने हफ्ते भर के भीतर दो मंचों से- एक बार
सुरक्षा परिषद में और दूसरी बार चीन में इस मुद्दे को उठाया। चीन के बोआओ शहर में
एक सम्मेलन में पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान@ अब्बासी ने
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से अलग से मुलाकात की और कहा कि कश्मीर
मामले में संयुक्त राष्ट्र को दखल देना चाहिए। वहां के लोगों पर भारत जो दमनात्मक
कार्रवाइयां कर रहा है, उन्हें रोका जाना चाहिए। भारत संघर्ष
विराम का उल्लंघन कर @रहा है। इससे नियंत्रण रेखा के पास
हालात बिगड़ सकते हैं।
पाकिस्तानी
प्रधानमंत्री ने भारत को लेकर जो भड़ास निकाली और मांगें रखीं, उनमें नया
कुछ नहीं है। इससे पहले बीते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी
उसने कश्मीर का मुद्दा उठाया था।@ संयुक्त राष्ट्र में
पाकिस्तानी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने दावा किया कि कश्मीर घाटी में अशांति और
नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बढ़
गया है। सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप ही कश्मीर समस्या का समाधान निकाला
जाए,@ तभी क्षेत्र में शांति की गुंजाइश बन सकती है। कश्मीर
को लेकर इस तरह विलाप करते रहना उसकी आदत-सी बन गई है।
पाकिस्तान के अब तक
के व्यवहार और रुख से स्पष्ट है कि उसकी दिलचस्पी कश्मीर मसले के समाधान के बजाय
उसे उलझाए रखने @में ज्यादा है। इसलिए वह इस पर ठोस पहलकदमी के बदले इसे अंतरराष्ट्रीय
मंचों से उठाने में ज्यादा चतुराई समझता है। सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का जिक्र
तो वह करता है, लेकिन यह भूल जाता है कि इस प्रस्ताव के तहत
उसे पहले पाक अधिकृत @कश्मीर को खाली करना होगा।
शिमला समझौते और
फरवरी, 1999 के लाहौर घोषणा-पत्र में दर्ज प्रतिज्ञाओं से वह हमेशा मुकरता रहा है।
कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का विलाप उसकी छटपटाहट से ज्यादा कुछ नहीं है। आतंकवाद
के मुद्दे पर वह बेनकाब हो चुका है। अमेरिका@ ने हाफिज सईद
और उसके संगठन को आतंकवादियों की सूची में डाल दिया है। सुरक्षा परिषद ने आतंकियों
की जो सूची जारी की, उसमें सबसे ज्यादा लोग पाकिस्तान के
हैं। ऐसे में यह फैसला करने के लिए कि आतंकवादी कौन है और कौन नहीं, यह@ सूची अपने में पर्याप्त सबूत है।
भारत पिछले तीन दशक
से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से पार पाने का प्रयास कर रहा है। हजारों निर्दोष
नागरिक इस छाया युद्ध का शिकार हुए हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि घाटी में
अशांति और आतंकवादी @संगठनों को शह देने वाला पाकिस्तान ही है। सुरक्षा परिषद सहित तमाम
वैश्विक मंचों पर भारत इनके सबूत रख चुका है। मुंबई हमले, मुंबई
बम कांड सहित कई पाकिस्तानी हमलों के सबूत उसे दे चुका है।
ऐसे में अगर
पाकिस्तान उल्टे भारत पर आरोप लगाता @है
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